DA PA क्या होता है और DA, PA कैसे बढ़ा सकते है?

आज हम जानेंगे da pa kya hai | domain authority kaise barhae | DA PA kaise check kare. Bounce rate क्या होता है इसे कैसे कम करें.bounce rate कैसे check करें.

DA PA kya hai ? कितना जरुरी है?

DA – PA  blog या वेबसाईट के level of Growth को मापने का एक ऐसा पैरामीटर होता है जिससे हम यह जान पाते है की किसी blog  की गुणवत्ता (quality) क्या है और उसकी गूगल ग्रोथिंग रेंज  कितनी है.

DA का मतलब होता है डोमेन authority और PA का मतलब होता है Page Authority.

DA-PA-kya-hai

आपके blog की DA & PA जितनी अधिक होगी, उतनी ही ज़ादा और कम समय मे ही आपकी blog post google पर रैंक करने लगेगी. क्योंकि high authority blog वाले लोग अपने आर्टिकल को अपनी ही blog post के अंदर कई back links दे देते है जो की एक high quality backlinks होती है. जिसके फ्लस्वरूप उनकी post गूगल पर जल्दी rank हो होने लगती है. 

अप्रत्यक्ष रूप से DA – PA बढाने मे on page seo और off page seo दोनों का बड़ा योगदान होता है. Domain authority का बढ़ना पूरी तरह से Off page seo पर निर्भर करता है.

चलिए अब समझते है Domain Authority कैसे बढ़ती है? Domaine authority बढाने के तरीके क्या है?

Domain Authority कैसे बढ़ाए

दोस्तों Domain Authority अपत्यक्ष (indirectly) रूप से अपने आप ही बढ़ती है. यदि हम manuali (स्वतः) तरिके से डायरेक्टली ही Domain Authority को बढाना चाहे तो ऐसा नहीं हो सकता.

क्योंकि Domain Authority का बढ़ना, निर्भर करता है की! Blog Domain कितना पुराना है और उस domain को कितने ज़ादा लोग सर्च करके blog तक पहुंच रहे है.

Domain authority बढाने के तरीके 

Domain authority दो तरीको से ही बढाई जा सकती है.

1- webmention के माध्यम से.

2- high quality backlinks के माध्यम से.

Page Authority कैसे बढ़ती है?

Page authority का बढ़ना दो चीजों पर निर्भर करता है पहला – baunce rate   और दूसरा – quality back links.

जितना अधिक ट्रेफिक ऑर्गेनिक रूप से आपके blog एवं blog post तक पहुँचता है उससे blog की page authority increase होती है.

Bounce rate क्या होता है?

लोग कितने समय तक आपके blog एवं blog post पर रुके रहते है और चले जाते है, इसी समय अंतराल को bounce rate कहा जाता है. अपने blog पर live traffic देखने के लिए google analytics का प्रयोग किया जाता है.

Bounce rate का क्या फायदा?

लोग जितना अधिक समय तक आपके blog post & pages पर रुके रहेंगे उतनी ही ज़ादा गूगल पर page की रैंकिंग increase होगी.

Bounce rate का बढ़ना सबसे पहले off page seo fectors और फिर उसके बाद on page seo पर निर्भर करता है.

चलिए सबसे पहले जानते है bounce rate के घटने या बढ़ने मे off page seo का क्या रोल होता है.

दोस्तों, यह तो आपको पता ही है की, एक बेहतर hosting plan और बेहतर थीम का चुनाव करना off page seo का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

आपका जितना अच्छा hosting plan खरीदोगे आपको उतनी ही बेहतर हाई स्पीड मिलेगी. हालांकि एक नए यूजर को महंगा hosting plan खरीदने की आवश्यकता नहीं होती 

Hosting के बाद  blog थीम का नंबर आता है. Blog थीम दिखने मे बहुत ज़ादा कलरफुल और स्टाइलिश वाला नहीं होना चाहिए. ऐसी थीम बहुत हेवी होती है ऐसी थीमो का फ़ास्ट लोड स्पीड उठाने के लिए आपको महंगा वाला hosting plan खरीदना होगा.

एक साधारण hosting सर्वर पर कोई भी हैवी थीम लोड होने पर बहुत अधिक समय लेती है.

इसलिए हमेशा एक हल्की (लाइट वेट) सिम्पल और अट्रैक्टिव blog थीम का ही चुनाव करे. ताकि सस्ते से सस्ते hosting plan पर भी आपका blog एवं वेब पेज तुरंत open हो सके.

क्योकि सबसे पहले ज़ब कोई visitor google search के माध्यम से हमारे blog post & pages को ओपन करता है तो उसका सबसे पहला माइंडबसेट यही होता है की pege जल्दी से से जल्दी open हो ताकि वह तुरंत रीड कर के जानकारी ले सके.

पूरा Open होने का मतलब है की 5 सेकेंड के अंदर अंदर आपका page पूरी तरह से लोड हो जाना चाहिए ताकि ज़ब user आपकी post जल्दी जल्दी नीचे की तरह सक्रोल करे तो ऐसा ना हो की उसे वहाँ खाली पेज दिखाई दे. या फिर आधा पेज लोड हुआ हो और आधा ना हुआ हो.

तो ऐसे मे सबसे पहले आपके blog तेज़ी से ओपन होना चाहिए. आपका blog, open होने मे जितना कम समय लगाएगा, उसका उतना बेहतर सकारात्मक प्रभाव (positive effect) आपके विजिटर पर पड़ेगा

यदि आपके blog की थीम हेवी होगी या फिर अगर hosting plan अच्छा नहीं होगा तो आपका blog open होने और page लोडिंग मे उतना ही अधिक समय लेगा. जिस वजह से विजिटर तुरंत आपके blog से बाहर आजाएगा. इन दो कारणों की वजह से blog स्पीड slow रहती है.

कई बार तो चलो, विजिटर का net स्लो होने की वजह से पेज slow load हो रहा होता है. लेकिन आप स्वयं ही समय समय पर आपने blog और वेब पेज की स्पीड चेक करते रहना चाहिए.

ध्यान रहे कोई भी विजिटर 5 सेकेंड से अधिक वेट नहीं करेगा आपके blog के open होने का. यानी आपका blog यानी page 3 से 5 सेकंड के अंदर पूरी तरह से लोड हो जाना चाहिए. Page लोडिंग स्पीड 5 सेकंड से अधिक ना हो.

इसलिए इन्ही सब बातो को ध्यान मे रख कर ही hosting और blog थीम का चुनाव करना होता है.

पेज स्पीड कैसे चेक करें?

पेज स्पीड चेक करने के तीन tool ही सबसे best है और वर्तमान मे  ब्लॉगर्स इन्ही टूल्स का उपयोग सबसे अधिक कर रहे है.

ये है वो तीन पेज स्पीड टेस्ट tool

  1. page speed insight
  2. GTmetrix
  3. Pingdom tool

इन tool का उपयोग करके आप आपने blog एवं वेब पेज की स्पीड चेक कर सकते है.

पेज स्पीड चेक करने के लिए सबसे पहले आपको sign in कर लेना है उसके बाद search box मे आपने डोमेन को डालना है फिर ok कर देना है. कुछ समय वेट करना है आपको. इसके बाद रिजल्ट आपके सामने होंगे. 

Mobile और desktop पर हमारा पेज पूरी तरह लोड होने मे कितना समय ले रहा है यह page speed insight tool पर पता चल जाता है. चलिए मै आपको GT metrix पर आपने blog पेज की स्पीड चेक करके दिखता हूं.

दोस्तों मैंने अपना hosting plan mewnix कम्पनी से खरीदा है यह hosting plan मुझे ₹1300 के आस पास पड़ा था. और मै जो थीम use कर रहा हूं उसका नाम है enspire 

DA-PA-kya-hai

चलिए अब जानते है bounce rate के घटने या बढ़ने मे on page seo का क्या रोल होता है.?

Off page seo के बाद विजिटर को blog post पर अधिक देर तक रोक कर रखने का काम on page seo ही करती है.

On page seo क्या है कैसे

Off page seo क्या है कैसे करें

क्योकि सबसे पहले ज़ब कोई visitor google search के माध्यम से हमारे blog post & pages को ओपन करता है तो उसका दूसरा माइंडबसेट यही होता है की उसे आपकी इस post पर ही संतुस्टी पूर्ण जानकारी मिल जाए वो भी जल्दी और आसान भाषा मे तथा आसान तरीके से.

तो आपको भी अपने यूजर की readability को ध्यान मे रख कर ही blog post लिखना है.

इसलिए अपने blog पर प्रॉपर विजेट सेटिंग करे जैसे केटेगरी बनाना , home page सेटिंग, home page और बाकि की post पर रिसेंट post , ओल्ड post, को दिखाना. अपनी हर post मे Q&A का सेक्शन जरुरु कवर किया करो. 

ज़ब किसी यूजर को आपकी post और उसका layout पसंद आता है तो वो बाकि की केटेगरीज मे भी जाकर any जानकारी लेने का प्रयास करता है.

इससे यूजर इक्सपीरियंस अच्छा बनता है, ऐसा होने पर फिर वहीं यूजर आपके blog पर ही बार बार आना पसंद करेगा. जितने अच्छे तरीके से आपने on page seo की होगी आपका bounce rate उतना ही कम होगा.

यदि आप जानना चाहते हो की पूरी तरह से यूजर फ्रेंडली blog कैसे बनाया जाता है, यूजर फ्रेंडली post कैसे लिखी जाती है. तो इसे पढे.

 User friendly & SEO friendly Post  कैसे लखे?

इस तरह आप अच्छे से on page seo करके bounce rate को कम कर सकते हो.

Bounce rate कितना होना चाहिए?

बाउंस रेट हमेशा कम ही रहना चाहिए. यदि आपके blog का टोटल बाउंस रेट 1 से 20% का bounce rate सबसे best माना जाता है. 20से 60% का bounce rate एवरेज माना जाता है. 60 से 80% के बीच का bounce rate सही नहीं माना जाता. Bounce rate 60% से नीचे ही रहे तो सही होता है.

Bounce rate का उतार चढ़ाव session duration पर निर्भर करता है. यानी user आपके page पर कितना समय रुका.

60% के नीचे का bounce rate प्राप्त करने के लिये, users का blog या blog page पर कम से कम 2 मिनट तक रुकना जरुरी है. या एवरेज 2 मिनट तक रुके. और यह on page seo क़ी मदद से सम्भव हों सकता है.

Bounce rate कैसे पता करे ?

Bounce rate पता करने के लिए सबसे best होता है google analytics . यहां पर आप अपने ब्लॉग अथवा  वेबसाइट का टोटल एवरेज bounce rate देख सकते हो | जैसा की आप नीचे इमेज मे देख पा रहे हो |

Check-bounce-rate

यह मेरे ब्लॉग का गूगल analytics है। Bounce rate हमेशा % मे दिखाई जाती है। Time duration जितना अधिक होगा bounce rate उतना ही कम दिखाया जाएगा.

यहा पर आप अपने ब्लॉग का टोटल अनालिटिक्स देख सकते हो | गूगल सर्च कंसोल मे बहुत सारे एसे फीचर्स होते है की जब भी आपके ब्लॉग पर page error संबन्धित दिक्कते आएंगी तो आप उन सभी errors को गूगल सर्च कंसोल से ठीक अथवा कंट्रोल कर सकते हो | 

इसके इलावा आप यदि wordpress उपयोग करते हों तो sitekit plugin का उपयोग कर सकते हों. WordPress पर blogging करने वाले blogger इसी का उपयोग करते है यह all in one है यानी आप अपने blog का पूरा analytics अपने wordpress page पर ही देख सकते हों.

Sitekit

Sitekit मे आप google search console, google analytics, google adsense, जैसे सभी platform को sitekit से जोड़ कर उस सब जा data अपने wordpress के home page पर देख सकते हों सिर्फ यही ये आपको अपने उन platform मे सुधार करने और उनको ग्रो करने के सुझाव भी आपको देता है.

जैसा आप नीचे image मे देख रहे हों ये sitekit क़ी मदद से मे अपने wordpress पर सब analytics देख पाता हु. 

Google analytics

Bounce rate की वजह से हमारी blog post & pages google पर कैसे grow करती है?

Bounce rate का कम होना google की नज़रो मे बहुत अच्छा माना जाता है यदि मान लो आपकी कोई blog post google रैंकिंग मे दूसरे तीसरे नंबर पर है तो ज़ब लोग आपसे पहले वाली post की आपकी post पर अधिक समय तक रूकती है तो आपकी blog post google के elgoritham की वजह से ऊपर दूसरे और पहले नंबर तक पहुंच जाएगी.

क्योंकि ज़ब किसी page का bounce rate बढ़ने लगता है तो इसका सिग्नल google के elgoritham के पास तुरंत चला जाता है.

यानी कुल मिलाकर bounce rate की वजह से हमारी blog post अथवा pages को एक बूस्ट मिल जाता है आगे बढ़ने का.

Page authority के घटने से आपके page की google रैंकिंग भी घटने लगती है.

DA & PA कितना होना चाहिए.

DA – PA का गूगल रैंकिंग पैरामीटर  1 से 100 तक मापा जाता है.अगर आपकी DA – PA रैंकिंग 1 से 30 के बीच है तो यह google और viewers के point of view से बहुत कम माना जाता है.

अगर आपकी DA – PA रैंकिंग 30 से 50 के बींच है तो यह google और viewers के point of view से अच्छा माना जाता है.

अगर आपकी DA – PA रैंकिंग 50 से 70 के बीच है के बींच है तो यह google और viewers के point of view से बहुत बेहतर माना जाता है.

अगर आपकी DA – PA रैंकिंग 70 से 100 के बीच है तो यह google और viewers के point of view से सर्वश्रेष्ठ माना जाता है.

Google ज़ादातर high authority वाले DA – PA वाले ब्लॉग्स और वेबसाईट और उनके द्वारा publish किये जाने वाले कन्टेट को ही ज़ादा प्रायोरिटी देता है.

Amazon, flipkart, गवर्नमेंट वेबसाईट, रेलवे वेबसाईट, ओला, ऊबर, फेसबुक, कोरा, जैसी वेबसाइटो का DA – PA बहुत ज़ादा होता है. 90 से 100 तक.

सिर्फ यही नहीं बहुत hindi इंग्लिश blog के DA – PA भी बहुत high होते है.

DA – PA कैसे चेक करे ?

आप गूगल पर जब भी check da pa सर्च करेंगे आपके सामने सबसे पहले नुंबर पर websiteseochecker की वेबसाइट ओपें होगी | आप यहा से न सिर्फ अपनी बल्कि किसी की भी साइट अथवा ब्लॉग का DA-PA चेक कर सकते हो |  ये डायरेक्ट लिंक है उस वेबसाइट का आप यहा से क्लिक करके वेबसाइट पर जा सकते हो |

इस वेबसाइट पर आप और भी बहुत कुछ चेक कर सकते इस पर आप अपने या अपने कंपीटीटर के वेबसाइट का ट्रेफिक भी चेक कर सकते हो | यहा पर आप प्लेगरिजम और backlinks की किस जगह पर है यह सब भी चेक कर सकते हो वो भी बिलकुल फ्री मे |

अंतिम शब्द

आज हमने सीखा आज हम जानेंगे da pa kya hai | domain authority kaise barhae | DA PA kaise check kare. Bounce rate क्या होता है इसे कैसे कम करें.bounce rate कैसे check करें.

हम अपने blog पर seo strategy and blogging groth and optimization से जुड़ी तमाम जरुरी जानकारियां इस blog पर शेयर करते रहते है ताकी हर कोई इसका फायदा उठा सके और अपने blog को ग्रो करवा सके. हमसे जुड़े रहे.

इन्हे भी जरूर पढे

seo friendly blog theme

web story kaise banaye

Mobile से free blog कैसे बनाए

SEO करने का सही तरीका

blog ko google search console se kaise jode

 

Leave a Comment