मछली पालन व्यवसाय की पूरी जानकारी [A to Z]

आज हम जानेंगे fish farming kaise kare| fish farming kaise shuru kare | Fish Farming Business kya hai in Hindi.  मछली पालन व्यवसाय के लिये कितनी जमीन की आवश्यकता होती हैं?fish farming business कितने तरीके से किया जा सकता हैं? मछलियों के विकास के लिये उन्हें किस तरह का चारा दिया जाता हैं? सरकार इस व्यवसाय को शुरू करने मे लगने वाली लागत मे कितना आर्थिक मदद देगी? Fish farming business से कितना मुनाफा कमाया जा सकता हैं?how to start fish farming business in hindi 

 

Fish farming kaise kare 

यदि आप Fish Farming Business kaise kare के बारे मे जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो आप बिलकुल सही जगह पर आए हों.यदि आपको कहीं से भी अच्छी जानकारी नहीं प्राप्त हुई है तो चिंता न करें आज हम आपको इस आर्टिकल की सहायता से मछली पालन व्यवसाय के बारे मे पूरी जानकारी देंगे। 

Fish farming क्यों की जाती हैं 

यदि भारत के अर्थव्यवस्था मे क़ृषि उत्पादको की भागीदारी की बात करें तो उनमे 40% की भागीदारी तो सिर्फ मत्स्य पालन उत्पादको की रही हैं. यानी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिहाज से fish farming का एक बड़ा रोल हैं.

भारत मे ख़ास प्रकार की नस्ल की मछलियों द्वारा तरह तरह की अंग्रेजी दवाइयाँ भी तैयार की जाती हैं, fish oil तैयार किया जाता हैं, इसके इलावा भारत भर मे व्यंजन के रूप मे मछली का उपयोग किया जाता हैं. इन तमाम demand को देखते हुए मछली पालन व्यवसाय, fish farming business किया जाता हैं.

मछली का उपयोग खाने में और कुछ दवाई बनाने में भी होता है। पुराने समय से पछली का तेल फिश oil भी ख़ाने बनाने और मालिश के इस्तेमाल मे लाया जा रहा हैं.ज्यादा तौर पर लोग मछली का उपयोग खाने के लिए करते है। मछली में ज्यादा मात्रा में प्रोटीन होता है। जो लोगों को स्वस्थ बनाता है। अब मछली की मांग बढ़ रही है।

ऐसे में अगर आप भी मछली फार्मिंग शुरू करते है तो आपको भी अच्छा मुनाफा होगा। उसके लिए आपको जो भी जानकारी चाहिए एक मछली फार्म खोल ने के लिए वो सारी जानकारी आपको यहां हमने प्रदान की है। तो इस आर्टिकल को पुरा अंत तक पढे।

 

मछली पालन व्यवसाय क्या है | fish farming business kya hai 

एक बड़े से तालाब मे साफ प्रोटीन युक्त जल भराव करके उनमे मछलियों का पालन पोषण करके उन्हें बड़ा करना और बाज़ार मे अच्छे दामों मे बेच कर मुनाफा कमाना fish farming business यानी मछली पालन व्यवसाय कहलाता हैं. इसमें समय समय पर मछलियों की देख रेख और जल भराव मे जल का ph level मेंटेन रखना पड़ता हैं.

यह एक ऐसा व्यवसाय है। जिसे आप बहुत ही कम लागत के साथ भी शुरू कर सकते हो, इसमें किसी तरह की लेबर की भी आवश्यकता नहीं होती और इसमें ज्यादा मुनाफा कमा सकते हो।

आपको तो पता ही होगा की मछली खाने से क्या लाभ होते है। हमें प्रोटीन और विटामिन मिलते है।  दक्षिण भारत और समुद्र से लगने वाले भारतीय राज्यों जैसे गुजरात, मुंबई, और पश्चिमी राज्य असम, केरल मे फिश ख़ाने वालों की संख्या सबसे ज़ादा पाई जाती हैं.बंगाल मे तो मछली dishes सबसे ज़ादा पसंदीदा व्यंजनों मे से हैं. बंगाल मे विवाह समागम जैसे हर छोटे बड़े प्रयोजनों मे मछली से बने व्यंजन अत्यधिक प्रचलन मे रहते हैं.

जिस तरह मछलियों की demand हैं उसकी पूर्ति अभी नहीं हों पा रही क्योंकि कम जानकारी और जागरूकता के आभाव मे मछली पालन व्यवसाय अभी बहुत कम लोग ही कर रहे हैं, इसलिए आप अभी इसका पूरा फायदा उठा सकते हों. 

 

Fish farming kaise kare

बिना जानकारी और training के fish farming की शुरुआत बिलकुल ना करें. पहले आप कुछ दिन अच्छे से उस व्यक्ति से पता करें की वो fish farming कैसे कर रहा. यह काम प्रेक्टिली कैसे किया जाता हैं इसके लिये वहाँ से ट्रेनिंग लें जहाँ fish farming की जा रही हों.

उसके बाद आस पास के एरिया मे fish की demand को देखते हुए यह पता लगाना हैं की किस तरह की बाज़ार मछली की demand ज़ादा हैं और वह किन क़ीमत पर बेची जा रही हैं.

इसके बाद आपको अपने बजट अनुसार ऐसी साफ सुथरी खाली जगह का चुनाव करना हैं जहाँ तालाब का निर्माण करवा सके. जहाँ तालाब का निर्माण करवा रहे हों वहाँ बिजली,पानी का अच्छी सुविधा होनी चाहिये.

इसके बाद आपको किसी नज़दीकी fish हेचरी से अच्छी किस्म की मछलियों का बीज यानी बेबी मछलियां खरीद कर लानी हैं.

इसके बाद बेबी मछलियों को 10 से 12 दिन के लिये तालाब के अंदर कम पानी वाली जगह मे डालना हैं ज़ब वो कुछ बड़ी हों जाए तो उन्हें बड़े तालाब डाल देना हैं. बेबी मछलियों यानी fish सीड को रखने के लिये आपको तालाब मे उनके लिये पहले से ही एक छोटा सा 10फूट लम्बे चौड़े से एरिया को जाल से कवर करना हैं ताकी बेबी मछलिया बड़े तालाब मे प्रवेश ना कर पाए.

25 से 30 दिन मे मछलियां बाज़ार मे बिकने को तैयार हों जाती हैं. एक किलो वजन होते ही मछलियां बाज़ार मे बेच दी जाती हैं बाकी मचकियों की किस्म पर भी निर्भर करता हैं, यदि बड़ी मछलियां हैं तो वह 5 से 10 किलो की वजन होने पर बिकने लायक मानी जाती हैं.

Fish farming के लिए आपको एक ऐसी जगह की ज़रुरत पड़ेगी, जहा आप एक तालाब बना सकें। उस तालाब में आपको मछली का बीज डालना होगा। यानी जो छोटी मछली ( बच्चे) उसे डालना होगा। बाज़ार मे मछली बीज 200₹- 250₹ प्रति किलो के हिसाब से मिलता हैं.

तालाब निर्माण मे कितना खर्च आएगा?

एक एकड़ जमीन पर तालाब निर्माण मे कुल खर्च 50 हज़ार से 1 लाख रुपए तक आता हैं.

यदि आप एक छोटे स्तर से शुरू करते हैं तो भी आपको कम से कम 15 फूट चौड़े और 50 फूट लम्बे size के दो तीन तालाब खुदवाने होंगे जिसमे ज़ादा से ज़ादा 50 हज़ार से ज़ादा का खर्च नहीं आएगा.

इतने एरिया मे fish farming करके आप महीने का 70 से 80 हज़ार रुपए की कमाई आराम से कर सकते हैं वो भी ज़ब व्यवसाय अच्छे से चलने लगे. बाकी ज़ादा fish production के लिये आप भविष्य मे बड़े तालाब का निर्माण या ऐसे ही और भी तालाब का निर्माण कर और ज़ादा कमाई कर सकते हों.

तालाब fish farming एक प्रचलित fish farming business हैं हालांकि अब तो कुछ और तरह से की जाने वाली fish farming भी तेजी से उभर रही हैं.

आपको हर दिन उन सभी मछलियों को खाना(चारा जो भी मछली खाती है)  देना होगा। आपको अच्छे से un सभी मछ्लीयो का उछेर करना होगा। जब वे मछलियां बडी ही जाए तो फिर आप उसे आसानी से बेच सकते हो। 

इस तरह से आप मछली पालन का बिजनेस शूरू कर सकते हो।

types of fish farming business in india 

अगर मछली पालन व्यवसाय शुरू करने के लिये आपको पहले समझना होगा की मछली पालन कितने तरीके से किया जा सकता हैं.

दोस्तों भारत मे ज़ादातर 4 तरह की fish farming की जाती हैं.

  • तालाब द्वारा fish farming
  • प्लास्टिक वाटर टैंक द्वारा fish farming
  • सीमेंटेड टैंक द्वारा fish farming
  • बांध (dam) fish farming 

1- तालाब द्वारा fish farming एक बहुत पुरानी परम्परागत मछली पालन करने का तरीका हैं जिसे आज भी भारत मे सबसे ज़ादा किया जाता हैं.इस तरह की fish farming मे सबसे पहले एक तालाब होना चाहिये जिसमे हमेशा पानी भरा रहता हों. तालाब का पानी साफ सुथरा होना चाहिये.

2- प्लास्टिक वाटर टैंक द्वारा fish farming एक विदेशी टेक्नोलोजी हैं जिसके प्रति बहुत से लोग जागरूक हों रहे हैं. इसमें कुछ 2 हज़ार लीटर की क्षमता वाले प्लास्टिक वाटर टैंक के अंदर पानी भर कर मछली पालन किया जा रहा हैं.जैसा की आप image मे देख रहे हैं. 

3- सीमेंटेड टैंक fish farming मे ईट सीमेंट से तैयार कृत्रिम यानी ख़ुद के द्वारा तैयार किया गया छोटा छोटा 5 फूट का टैंक होता हैं जो की 12 से 13 फूट लम्बा चौड़ा होता हैं. दिवार की मोटाई 7 से 10 inch होती हैं.

सीमेंट और प्लास्टिक टैंक मछली पालन करने को bioflock fish farming कहा जाता हैं.

नीचे video को play करके आप ये समझ सकते हों की सीमेंटेड fish plant टैंक कैसे बनाया जाता हैं

4- dam fish फार्मिंग मे किसी भी dam का एक हिस्सा fish farming के लिये किराए पर लें लिया जाता हैं. इसी को dam fish farming कहा जाता हैं.

मछली का तालाब बनाना

जैसे की आपको भी पता ही होगा ज्यादा तौर पर जो मछली की खेती करते है। वी सभी लोग तालाब बना कर उसमें मछली की खेती करते है। उसके लिए आपको सबसे पहले किसी जगह की जरूरत पड़ेगी जहां आप तालाब का निर्माण कर सके।

Fish-farming-kaise-kare

तालाब दो तरह से आप बना सकते हो। ऐसा तालाब जो बारिश के पानी पर निर्भर होता है। या फिर आप ऐसा तालाब भी बना सकते हो जिसमें 12 महिने पानी रहे। 

जब भी आप तालाब बनाए तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। आपने जो तालाब बनाया है। उसमें किसी भी तरह से कोई लीकेज तो नहीं है ना ऐसी जांच ज़रूर करें। उसके बाद तालाब को पुरा फर्टिलाइज करें उसके बाद ही मछली का बीज तालाब में डाले। 

मछली की नस्ल का चयन करें

हमारे भारत देश का वातावरण ऐसा है की यहां आप सभी तरह की नस्ल की मछली का  पालन कर सकते हो। लेकिन आपको ऐसी मछलियों का चुनाव करना चाहिए। जो हर तरह के वातावरण में जीवित रह सकती हो। आपको ऐसी नस्ल की खेती करनी चाहिए जिसकी आपके एरिया में सबसे ज्यादा मांग हो। इसके लिए आपको अपने मछली मार्केट को समझना होगा।

आपको ऐसी नस्ल का भी चयन करना चाहिए जो तेजी से बड़ी हो सकती है। यहां नीचे हमने कुछ मछलियों का चयन किया है आप अपनें हिसाब से चयन कर सकते हो।

  • कटला
  • रुई
  • ग्रास कार्प
  • कोई
  • झींगा
  • तितलिया

मछलियों के लिए खाना

अगर आपको अच्छी और ज्यादा क्वालिटी वाली मछली चाहिए तो तालाब में रहा भोजन ही मछलियों के लिए पर्याप्त नहीं होता। आपको तालाब के बाहर से भी मछलियों को पोष्टिक आहार प्रदान करना होगा जिससे मछलियों की वृद्धि जल्दी ही सके और आपकी मछली गुणवत्ता युक्त हो। अच्छा आहार मछलियों के विकास मे मदद करती हैं और अच्छी गुणवत्ता वाली मछली प्राप्त होती हैं.

मछलियों की देखभाल

अगर आप मछलियों को अच्छा पोष्टिक आहार देते है तो आप मछलियों की अच्छी देखभाल करते है ये ज़रुरी नही है। इसके अलावा भी कोई सारे फैक्टर्स है। जिन पर भी आपको ध्यान देना होगा। 

जैसे आपको अपने तालाब की pH को थोड़े दिनों में चेक करना है। अगर तालाब के pH level में किसी तरह का a संतुलन आता है तो उसे संतुलित करें। आमतौर पर तालाब का pH लेवल 7 से 8 pH होना चाहिए। तालाब में मछलियों का शिकार करने वाले पक्षियों से भी मछलियों को बचाना है। इसके अलावा आपको मछलियों के स्वथ्यो पर भी ध्यान देना होगा।

मार्केटिंग करें

आपने अच्छी गुणवत्ता वाली मछलियों का उत्पादन तो कर लिया लेकिन अब मछलियों को बेचे कहा उनका मार्केटिंग कैसे करें इसके बारेमे जानते है।

आप अपनी मछलियों का मार्केटिंग ऐसे लोगों से कीजिए जो मछली बेचने का काम करते है। आप उनको आपकी मछली बेच सकते हो। या फिर आप मछलियों के मार्केट में जाकर भी मछलियों को बेच सकते हो। मछलियों को आप अपनें स्थानीय एरिया में भी आसानी से बेच सकते हो। अगर आपकी उत्पादन की अवधि बहुत ज्यादा है तो आप मछलियों को विदेश में भी बेच सकते हो। भारतीयों मछलियों की विदेश में भी बहुत मांग है।

मछलियों के लिए आहार कैसे तैयार करे

अगर आपने तालाब बना लिया है। मछलियों का बीज भी तैयार है लेकिन आपको यह नहि पता है की मछलियों को आहार में क्या दे तो उसके बारेमे हमने यहां निचे जानकारी प्रदान की है:

गोबर का छिड़काव करें

अगर आप मछली का बीज डालने से एक महीने पहले ही तालाब में गोबर का छिड़काव कर देते हो तो मछ्लीयो के पहले से ही खाना तैयार रहेगा। आप 1 हेक्टर में 1000 किलो गोबर का छिड़काव कर सकते हो।

चोकर

जब आप तालाब में मछलियो के खाने के लिए चोकर डालते हो तो वो मछलियो के लिए बहुत पोष्टिक होता है। खास कर मछलियो के बच्चों के लिए।

पानी में रहने वाली बतख

अगर आप तालाब में बतख भी रखते हो तो जो बतख का को बिट होता है उसे मछलियां खाती है। उससे मछलियो का वजन बढ़ता है। जिससे आपका ज्यादा मुनाफा हो सकता है।

मछली पालन में कितनी सबसिडी मिलती है?

अगर आप मछली पालन का व्यवसाय शुरु करना चाहते हो। लेकिन आपके पास उतनी लागत नहीं है। जो एक मछली पालन के व्यवसाय में चाहिए। तो चिंता न करें सरकार की कोइ ऐसी योजना और सबसिडी है। जिसकी मदद से आप आसानी से इस व्यवसाय को शूरू कर सकते हो। 

सरकार ‘ मत्स्या स्मपंदा योजना ‘ चला रही है। जिसमें भारत सरकार और राज्यों सरकार आपको सबसिडी प्रदान करेगी। जिसमें भारत सरकार 50% सबसिडी देगी। और राज्यों सरकार 25% की सबसिडी प्रदान करेगी। आपका व्यवसाय का 75% तो सबसिडी के जरिए ही हो जाएगा आपको सिर्फ 25% लागत करना है।

इसमें भी अगर आपका खुद का तालाब है। तो बहुत बढ़िया फिर तो आपका ज्यादा खर्चा नहीं होगा। इसमें करीब total खर्चा 9 लाख जितना होता है।

मछली पालन में कितनी लागत आएगी

अगर आप 0.2 हेक्टर का तालाब बनाते है तो उसमें आपको करीब 70 से 80 रुपए का खर्चा होगा। उसके साथ मछलियों के बीज और मछलियों का चारा को मिला कर आप इस business को 5 से 7 लाख या इससे भी कम में आप इस Business को शुरू कर सकते हो।

मछली पालन में मुनाफा

यही आप मछली पालन का व्यवसाय बड़े स्तर पर करते है। और अगर आप वर्ष में करीब 5000 जितनी मछलियों का उत्पादन कर लेते है तो आप आसानी से 4 से 5 रुपए का मुनाफा कमा सकते हो। और अगर आप छोटे लेवल पर इसकी शुरुआत करते हो तो आप वर्ष के 1000 मछलियों का उत्पादन करते हो तो आप 1 से दो लाख का मुनाफा भी कमा सकते हो। इसमें आपकी मछली की मांग कितनी है और मछली की क्वालिटी कैसी है ये भी निर्भर करती है।

मछली पालन व्यवसाय :- FAQ

1. क्या मछली पालन में सरकार सबसिडी देगी?

जी हां आपको केंद्रीय सरकार और राज्यों सरकार मिलकर 75% तक की सबसिडी प्रदान करेगी।Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana के तहत सब्सिडी के रूप मे वित्तीय मदद प्रदान किया जाता हैं.

2. मछली पालन में सबसे ज्यादा व्यापार किन मछलियों का होता है?

भारत में रुई, कटला, झींगा इन सभी मछलियो की ज्यादा मांग होती है। तो जाहिर सी बात है इनका व्यापार भी ज्यादा होता होगा।

3. मछली का बीज तालाब में कब डाला जाता है?

मछलियो का बीज तालाब में मार्च के महीने में डाला जाता है।

4. सबसे तेजी से बड़ी होने वाली मछली कोनसी है?

सबसे ज्यादा तेजी से बड़ी होने वाली मछली कटला है।

 

5. मछली पालन के लिए सरकार कौनसी योजना चला रही है?

मछली पालन व्यवसाय के लिए भारत सरकार ने Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana की शुरुआत की है।जिसके तहत fish farming व्यवसाय शुरू करने हेतु आने वाली लागत का 60% इस योजना द्वारा  सब्सिडी के रूप मे वित्तीय मदद प्रदान किया जाता हैं.

Conclusion:

आज हमने इस article की सहायता से fish farming kaise kare | Fish Farming Business in Hindi  के बारे जानकारी प्राप्त की। हमने इसमें जाना की कैसे हम मछली पालन व्यवसाय को शुरू कर सकते है। इस मछली पालन व्यवसाय को शुरू करने के लिए सरकार क्या हमारी मदद करेगी। इसमें कितनी लागत है कीतना मुनाफा होगा यह सारी जानकारी हमने इस आर्टिकल की सहायता से हासिल की। हम अपने blog पर सफलतम व्यापार व व्यवसाय से जुड़ी ऐसी ही तमाम business ideas पर चर्चा करते रहते हैं और आप तक vo जानकारों आर्टिकल के माध्यम से पहुँचाते रहते हैं.

इन्हें भी पढ़े :-

Leave a Comment