Honey bee farming | मधुमक्खी पालन व्यवसाय कैसे करें 

Honey bee farming | मधुमक्खी पालन व्यवसाय कैसे करें – how to start honey bee keeping farming india – गांव में honey bee farming कैसे शुरू करें 

 ग्रामीण क्षेत्रों मे रहने वाले नागरिक खेती करके अपना जीवनयापन करना चाहते है परन्तु जिनके पास खेती योग्य जमीन ना हो तो आय का एक बड़ा सवाल उत्पन्न होता है, या खेती तो हो पर मौजूदा फ़सल से अच्छी कमाई ना हो रही हो तो क्या करें?

चलिए हम आपको एक ऐसे बिज़नेस से अवगत कराते है जो लाभकरी और कम लागत मे शुरू किया जा सकता है।

हम लेके आये है एक बहुत ही रोचक बिज़नेस जो सबके सेहत से जुडा है यह बिज़नेस है मधुमक्खी पालन।

Honey bee farming , खेती के साथ साथ भी कर सकते है इस कुटीर उद्योग के लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता भी प्राप्त होंगी। साथ ही फसल के लिए भी हितकारी होगा।

जी हाँ दोस्तों यह एक ऐसा व्यवसाय है जिस पर एक कहावत फिट बैठती है की,आम के आम और गुठलीयों के दाम. यानी Honey bee farming से ना सिर्फ मधु बेच कर पैसे कमाए जा सकते है बल्कि आप आस पास जो भी सरसो और धनिया की खेती करोगे उनकी पैदावार बढाने में भी काफ़ी मदद मिलेगी.

 

आज मिलावट भारी दुनिया मे शुद्ध खाद्य प्रदार्थ मिलना लगभग असंभव सा हों गया है, तो ऐसे में शुद्ध शहद की demand तेजी से बढ़ती जा रही है सिर्फ यही नहीं शहद से बनने वाले तरह तरह के ब्यूटी और health product, तथा इसके तमाम छोटे बड़े uses को लेकर बाज़ार में शहद की बढ़ती demand बहुत ही मुनाफे का व्यवसाय साबित हो रहा है.

चलिए मधुमखी पालन से पहले महत्वपूर्ण बातो पर नज़र डालते है.

Honey bee farming मधुमक्खी व्यवसाय से जुड़ी जरुरी बातें 

  • व्यवसाय शुरू करने से पहलें प्रशिक्षण अवश्य लें यह कार्य बिना प्रशिक्षण के असंभव है.
  • जिला उद्धान विभाग द्वारा, किसानो को मधुमखी पालन व्यवसाय का प्रशिक्षण दिया जाता है.
  • सबसे पहले मधुमक्खी के परिवार चक्र को समझना होगा। 
  • यदि आपको इस व्यवसाय के बारे जानकारी नहीं लेकिन आप निवेश करने का दम रखते हो तो ऐसे में आप कोई निपूर्ण व्यक्ति को नियुक्त करें यां कुछ समय ऐसे व्यक्ति के साथ कार्य करें जो यह कार्य कर चूका हो उपकरणों और यंत्र के उपयोग सीखे
  • यदि बजट बहुत कम है तो कम से कम दो बी box से शुरुआत करें समय के साथ धीरे धीरे बी box की संख्या बढ़ाये।
  • मधुमक्खीयां आसानी से शहद बना सके इसके लिये कुछ विशेष तरह की खेती होती है उन फसलो से अधिक मात्रा मे हनी को एकत्र किया जाता है वह स्थान का चयन करें या फिर अपने आस पास के खेत में सरसो धनिया या flower की खेती करें.

 

मधुमक्खी का जीवन परिचय:-

ये व्यापार से पूर्व संक्षिप्त मे मधुमक्खी का जन्म और जीवन काल समझ लेते है 

रानी मधुमक्खी का जीवन काल ढाई से 3 साल का होता है. एक रानी मधुमक्खी एक दिन में 1500 से 3 हज़ार अंडे दे सकती है. वजी नर मधुमक्खी की पहचान ये है.इनके डंक नहीं होता. एक बी box में कुल 30000 से 1लाख मधुमक्खीयां होती है. इनमे एक रानी मधु मक्खी होती है कुछ नर मधुमक्खी और बाकी 90 से 95% सैनिक मधुमक्खी होती है.

इन्हे वर्कर मधुमक्खी भी कह सकते है क्योंकि यही मधुमक्खीयां 24 घंटे फूलो से रस चूस कर शहद बनाने का काम करती है. नर मधुमक्खी कोई काम नहीं करता यह सिर्फ रानी मधुमक्खी से मीट करने के लिये है.

ज़ब रानी मधुमक्खी मर जाती है तो तो बाकी की सैनिक मधुमक्खीयां फिर से लारवा की मदद से रानी मधुमक्खी बना देती है. 

 

Honey bee farming | मधुमक्खी पालन व्यवसाय के लिये सही स्थान का चुनाव :-

मधुमक्खी पालन के लिए स्थान चयन बहुत ही महत्वपूर्ण है ऐसे स्थान का चयन करें जो प्रदुषण मुक्त हों, गर्मियों मे छाँव और सर्दियों मे धुप और हवा मिले, बरसात में बिलकुल भी पानी जमाव ना हो,पानी का निकास सरलता से हों ,  बॉक्स को जमीन से कुछ ऊचाई पर रखें क्योकि नमी छते को प्रभिवत करता है पास मे ही खेत यां फूलों के बगीचे हों.

 

मधुमक्खी box की जानकारी

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जैसा की आप image में देख रहे हो यह मधुमक्खी बॉक्स (bee box) कहते है.

यह पूरा लकड़ी का box होता है. एक box में 8 स्लॉट (शहद के छत्ते) होते है.

सबसे ऊपर लकड़ी के ढक्क्न से धका होता है उसके नीचे सन की बोरी से धका होता है ताकी धूल भी ना जाए और हवादार भी रहे.

बोरी के नीचे ये आप देख सकते हो 8 स्लॉट है यह सभी छत्ते है लकड़ी की फ्रेम से लगे है.

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इन फ्रेम को ऊपर की तरफ खींचते ही छत्ता निकल जाता है.

छत्ते में शहद एक हफ्ते में तैयार हो जाता है. हर हफ्ते आप इसी तरह bee box से फ्रेम निकाल कर चेक कर सकते है.

Honey bee box का स्टैंड स्टील मिक्स लोहे का होता है ताकी लकड़ी जमीन से ऊपर उठा रहे और उसमे दिमाक ना लगे.

जैसा की आप ऊपर image में देख रहे हो तीसरी image में छत्ते में काफ़ी छेद ऐसे है जिनमे रानी मधुमक्खी द्वारा अंडे दिए गए है.

 

कितने दिन में बन जाता है शहद 

फ़रवरी से मई जून महीने में मधुमक्खीयाँ दबा कर शहद बनाती है. बरसात या ज़ादा कोहरे के समय मधुमक्खीया बहुत कम ही बॉक्स से बाहर निकलती है. इसलिते इन दिनों शाद की प्राप्ति बहुत कम होती है.

 

मधुमक्खी पालन कैसे करें है? Honey bee farming kaise kare 

मधुमक्खी पालन को 2 भागों मे बाँटा है एक मधुमक्खी फार्मिंग और दूसरी हनी प्रोसेसिंग।

  • सर्वप्रथम एक अनुभवी व्यक्ति को नियुक्त किया जाये, जो निपूर्ण हो इस कार्य मे।,
  • जहाँ से बी box खरीदा जाता है वही लोग प्रशिक्षण भी देते है और तैयार माल (शहद) खरीदने का एग्रीमेंट भी.
  • एक बॉक्स मे 3 तरह की मधुमक्खी होती है रानी मधुमक्खी, सेवक मधुमक्खी, और नर मधुमक्खी।
  • एक बॉक्स मे 30000 से 1 लाख श्रमिक मधुमक्खी, 100 नर मधुमक्खी, 1 रानी मधुमक्खी होती है 
  • नमी रहित जमीन मे का चयन करें।
  • प्राकृतिक और स्वच्छ स्थान का चयन करें
  • मधुमक्खी को खुला वातावरण मिले इस बात का विशेष ध्यान दे
  • एक बॉक्स मे अधिक से अधिक 8 फ्रेम ही रखें

 

हनी प्रोसेसिंग

  • मशीन द्वारा हनी प्लांट को स्थापित करें
  • इस मशीन की सहायता से पुष्प रस से पैकिंग तक की सम्पूर्ण कार्य किया जाता है।

 

शहद बनाने की प्रक्रिया :-

मधुकोष वह प्रकार है जो मधुमक्खी द्वारा बनाया जाता है, मधुमक्खी पालनवह छत्ते को सग्रहित कर आंतरिक स्थान पर लें जाया जाता है शहद बनाने के लिए निम्न दी गयी प्रक्रिया करें।

  • सर्वप्रथम फ्रेम को हिलाया जाता है जिससे अधिकांश मधुमक्खी उड़ जाये।
  • फिर बचे मधुमक्खी को  ब्रश से हटाया जाता है ब्रश उपयोग मे लेने से पूर्व पानी मे भिगो के रखें।
  •  अनुभवी व्यक्ति द्वारा मधुकोष को मधुमक्खी के छत्ते को अलग किया जाता है।
  • प्राप्त मधुकोष को मधुमक्खी से दूर लें जाये जहाँ एक भी मधुमक्खी यां कीड़े पहुँच ना सकें।
  • मोम हटाने के लिए और छत्ते के कोषों को नष्ट होने से बचाने के लिए गर्म चाकू यां किसी विशेष उपकरण की सहायता से फ्रेम से मोम को सावधानी पूर्वक अलग किया जाता है।
  • प्राप्त मोम को शहद निकालने वाले यंत्र मे डाला जाता है।
  • यंत्र मे अपकेंद्र बल की सहायता से मोम से शुद्ध शहद बाहर निकला जाता है।

 

शहद निकालने की प्रकिया जलवायु पर निर्भर होता है। समान्यता ग्रीष्म और शीत ऋतू मे शहद निकाला जाता है, मधुमक्खी पालक स्वयं यह निश्चय करता है की कितनी मात्रा मे शहद निकाला जाता है.

सामान्य जलवायु वाले स्थान पर प्रत्येक छत्ते से 20 किलो शहद छोड़ दिया जाता है, ठंडे जलवायु वाले प्रदेश मे 60 किलो शहद छोड़ दिया जाता है।जिससे मधुमक्खी को खाने की कमी ना हों, यां ख़राब मौसम यां सूखे की वजह से समस्या उत्पन्न ना हों।

 

फ्रेम को ज़ब पूर्ण रूप से शहद एकत्र हों जाता है तो मधुमक्खीयां छत्ते का 75% छेद एक मोमी परत से बंद कर देती है यदि इससे अधिक खुला हों तो वह समय शहद निकालने योग्य नहीं है।

यदि हमने पहले ही निकाल दिया तो शहद मे पानी की मात्रा अधिक होगा जो अंतिम प्रक्रिया मे चासनी सामान शहद प्राप्त होगा। अर्थात पुष्परस एँजाइम जैवरसायान प्रक्रिया से नहीं गुजरा।

 

मशीन से शहद निकालने की प्रक्रिया

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यह देखिये यही है वो मशीन जिसमे तमाम फ्रेम को एक बार ने फिट करके हाथों से मशीन का हेंडल घुमा कर छत्ते से शहद बाहर निकाला जाता है.

आप नीचे इस वीडियो को play करके देख सकते हो की किस तरह फ्रेम से शहद निकालने के लिये उसे इस मशीन में डाल कर हाथ से चलाया जाता है.

मधुमक्खी पालन व्यवसाय सावधानी :- 

  • मधुमक्खी अपने शहद को बचाने के लिए घातक होंगी, खुश्बू यां गंध से बचने के लिए विशेष पोशाक को पहना जाता है जैसे दस्ताने 
  • मोम से शहद निकालने की प्रक्रिया आंतरिक स्थान पर करें
  • वह स्थान चुने जहाँ मधुमक्खी यां अन्य कीड़े आ नहीं सकें.। वायु संचार हों, बिजली पानी की सुविधा हों
  • कई बार मधुमक्खी को अमेरिकन फॉलब्रूड, यूरोपियन फॉलब्रूड, नोज़ेमा, रोग लग जाते है इसलिए निरिक्षण करके  संक्रमण से दूर रखा जाये।
  • सर्दी मे धुप ना होने के कारण धुप वाले स्थान पर लें जाया जाता है।
  • Honey प्रोसेसिंग मशीन में ज़ब छत्ता डाला जाता है तो माशी के स्लॉट को घमाने पर सिर्फ शहद निकलता है बाकी छत्ते में मौजूद रानी मधुमक्खी के अंडो को कुछ नहीं होता. शहद निकालने के बाद छत्ते के फ्रेम को फिर से bee बॉक्स में स्थापित कर दिया जाता है.

 

शहद की पैकिंग कैसे करें :-

शहद प्राप्त होने के बाद  सवाल उत्पन्न होता है शहद बेहतर होगा कांच की बोत्तल मे पैक करें प्लास्टिक की बोत्तल सस्ती तो होंगी परन्तु प्लास्टिक मे स्थित लेड से शहद ख़राब होने की संभावना होती है, बोतल की डिज़ाइन एक सामान रखें परन्तु साइज अलग अलग मापदंड के अनुरूप रखें जैसे कि 50gm, 100gm, 200gm, 500gm,

आप स्वयं के ब्रांड का लेबल भी लगा सकते हों, जिससे आपके उत्पादन की बिक्री का पूर्ण लाभ आपको प्राप्त होगा।

 

मधुमक्खी पालन व्यवसाय के लिये लाइसेंस की जरूरत :-

शहद खाद्य प्रदार्थ है इसलिए प्रत्यक्ष रूप से हमारे सेहत से जुडा है इसलिए FSSAI का लाइसेंस लेना आवश्यक है जो आप ऑनलाइन भी आवादेन दे सकते है.

 

मधुमक्खी पालन व्यवसाय मे कमाई :-

शहद मे व्यापार मे प्रतियोगी कम है और शुद्ध शहद बाजार मे उपलब्ध नहीं यदि आर्गेनिक शहद बेचा जाय तो अधिक कमाई की जा सकती है. एक किलो आर्गेनिक शहद की कीमत 700 रूपए है यदि एक बॉक्स से 50 किलो शहद निकलता है तो 100 बॉक्स से 5000 किलो शहद प्राप्त होगा। इस तरह 35लाख का लाभ प्राप्त होगा।

 

मधुमक्खी पालन व्यवसाय का प्रशिक्षण कहाँ से लें :-

मधुमक्खी पालन के लिए कुछ संस्था प्रशिक्षण देती है जो 3 मास का होता है जिसके लिए फीस चुकानी होती है

 कुछ ऐसी भी संस्था है जो निःशुल्क प्रशिक्षण देती है जो उत्तरप्रदेश के सहारनपुर मे स्थित है।

 

मधुमक्खी पालन व्यवसाय में कितनी सब्सिडी मिलती है :-

इसके लिये एक मधुग्रामीण योजना है जो ग्रामीण स्तर पर लागू की जाती है.

गावों में मधु पालन व्यवसाय को बढावा देने के मकसद से इस योजना की शुरुआत की गई.

यदि आप इस योजना के तहत मधुमक्खी पालन व्व्यवसाय शुरू करते हो तो सरकार की तरफ से व्यवसाय में लगने वाले कुल खर्च के 80% तक की धनराशी का अनुदान करती है.

इस योजना के तहत जो गांव में मधुमक्खी व्यवसाय शुरू करना चाहता है उसे इनकी तरफ से 20 मधुमक्खी के box दिए जाएंगे जिसमे खास नस्ल की मधुमक्खीयां होंगी.

एक box की क़ीमत 4000 रुपए के करीब है.

उसी हिसाब से इन 20 box की क़ीमत 80 हज़ार रुपए बताई जा रही है.

लेकिन इस योजना के तहत 80% सब्सिडी (अनुदान) के लाभ से आपको 20 बॉक्स सिर्फ 16 हज़ार रुपए का ही दिया जाएगा.

 

वहीं अगर पर्वतीय क्षेत्र है वहाँ के लिये एपिसीराना इण्डिका नस्ल की मधुमखियां दी जाएंगी.

 

साल भर में एक bee box से कितने शहद का उत्पादन किया जा सकता है 

साल भर में एक box से 20 से 22 किलो शहद का उत्पादन किया जा सकता है.

वहीं उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय क्षेत्रो में 2200 टन का उत्पादन हर साल किया जाता है, जिसमे करीब साढे 6 हज़ार लोग 71 हज़ार बॉक्सेस द्वारा इतना शहद का उत्पादन हर वर्ष कर पा रहे है.

यहां का शहद विदेशो में भी एक्सपोर्ट होता है और सालाना इस निर्यात से 200करोड़ रुपए जा turnover कमा लेते है.

शुद्ध शहद 500 से 600रुपए प्रति किलो बिक जाता है.

मेलिफिरा नस्ल की मधुमक्खीयों से एक साल में एक बक्से से 40 किलो तक शहद प्राप्त हो जाता है.

वहीं एपिसीराना इण्डिका नस्ल की भारतीय मधिमक्खीयों से एक वर्ष में एक बक्से से 10 किलो के आस पास शहद प्राप्त होता है.

तो honey bee farming मधुमक्खी पालन व्यवसाय की इन तमाम जानकारी के अब आप भी अच्छी जगह प्रशिक्षण लेकर business शुरू करें और खूब मुनाफा कमाए.

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आज हमने जाना की मधुमक्खी पालन व्यवसाय कैसे किया जाता है – honey bee farming kaise kare? Honey bee farming से कितना profit होगा?

तो दोस्तों आज की मधुमक्खी पालन व्यवसाय की यह जानकारी आपको कैसी लगी. 

 

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