On page seo kaise kare | जानिये सही तरीका

आज हम जानेंगे की on page seo kya hai और on page seo kaise kare . On page seo के फायदे क्या है | यदि आप सीखना चाहते हों क़ी on page seo क़ी मदद से blog post और page को google search मे अच्छी ranking तक कैसे ले जाया जाता है तो इस post को आखिर तक पढ़ो.

Google और youtube पर इस टोपिक को ग़र आप सर्च करोगे तो आपको ऐसे तमाम रिजल्ट दिखाई देंगे जिसे देखने अथवा पढ़ने के बाद आपको ना तो पूरी जानकारी हासिल होगी और ना ही संतुष्टि. 

मैंने खुद देखा है की गुमराह करने के इलावा और कुछ नहीं किया गया है. जो बात साधारण तरीके से बताई जा सकती है , उस बात को कोई खूब घुमा फिरा कर बता रहा  है तो कोई ग़र बता भी रहा है तो अधूरे और गलत तरीके से. 

जिसका खामियाज़ा नए ब्लोगर्स को उठाना पड़ता है और वक़्त खराब होता है सो अलग. 

तो इसी बात को ध्यान मे रख कर हम आपके लिए सीधा, और सटीक जानकारी साधारण शब्दों मे उपलब्ध करवाते है. ताकी आपको आसानी से समझ भी आजाए और वक़्त भी ज़ादा ना लगे. 

तो आज हम तमाम seo एक्सपर्ट के तजुर्बो द्वारा आपको on page seo के बारे मे बेसिक से लेकर एडवांस लैवल तक की सम्पूर्ण जानकारी आसान तरीके से देने जा रहे है. जिसे पढ़ने और समझने के बाद आपको on page seo करने मे महारथ हासिल होगी. 

 

On page seo kya hai?  

On page search engine optimization यानी pages को search engine पर रैंक करवाने के मकसद से optimize करना अतः search engine के लिए optimization.

अपने blog पर रहकर online,  blog की हर चीज को optimized करना ही On Page SEO कहलाता है.

जिसमे – blog थीम, टेम्पलेट्स के चुनाव, उनकी customization से लेकर blog post लिखने और उन्हें publish करने तक का सारा process शामिल होता है.

Optimization का अर्थ होता है किसी चीज को बेहतर बनाने के मकसद से उसमे सुधार करते रहना.

On page seo एक ऐसी टेक्नीक है जिसकी मदद से आप अपने आर्टिकल को गूगल पर रैंक करवा सकते हो.

क्योंकि on page seo ही एक ऐसी टेक्नीक है जिसे हम पूरी तरह  खुद से ही कंट्रोल कर सकते है यानी मैनेज़ कर सकते है. 

ज़ब भी हम ब्लॉगर या वर्डप्रेस के स्तर पर SEO को ध्यान मे रख कर अपने आर्टिकल को लिखने  और उसे यूजर फ्रेंडली बनाने के मकसद से उसमे तमाम तरह के सुधार करते है जैसे

  • Mobile फ्रेंडली, यूजर फ्रेंडली और एडसेंस फ्रेंडली Blog थीम का चुनाव करना और और उसे अच्छे customize करना.
  • blog post से जुड़ी अच्छी और सबंधित इमेज लगाना, 
  • आकर्षक और लय बद्ध तरीके से लिखना. 
  • Table of content बनाना.
  • हेडिंग का उपयोग करना 
  • टोपिक के अनुसार बुलेट्स, नंबर और टेबल का उपयोग करना 
  • अच्छा और सही  टाइटल देना, 
  • सही पर्मालिंक देना
  • अच्छी meta description लिखना 
  • सही tags का प्रयोग करना 
  • लेख से संबंधित टोपिक अनुसार Internal और external link को लगाना. इसको कई लोग एंकर text के रूप मे जानते है. 

Blog पोस्ट को लेख और आर्टिकल के नाम से भी जाना जाता है. 

ये सब, page अथवा लेख का ऑप्टिमाइजेशन कहलाता है. यानी लेख को लिखने से लेकर  उसे पब्लिश करने तक उसी पेज पर रहकर की जाने वाली सभी प्रक्रियाए on page SEO कहलाती है. 

 

यूजर फ्रेंडली लेख का क्या अर्थ होता है | User friendly article 

यूजर फ्रेंडली लेख का अर्थ होता है, की ज़ब कोई आपकी पोस्ट को पढ़ने आए तो उसे आपकी post पढ़ने मे बहुत आसानी महसूस हो. Post इस तरीके से लिखी हो की उसे कम समय मे वो जानकारी मिल सके जो जानकारी लेने के लिए वो आपकी post पर आया है. Blog post बहुत ज़ादा ऐड नहीं दिखाई देनी चाहिए, इससे audience रिटेंशन खराब होता है.

उसे आपकी पोस्ट से ये संतुस्टी प्रदान हो की उसे पर्याप्त जानकारी मिल चुकीं है. वो अपना अनुभव एक टिप्पणी के द्वारा अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया एवम सुझाव दे सकें. और आपकी पोस्ट को शेयर भी कर सकें. 

यूजर फ्रेंडली आर्टिकल पढ़ने  वाले के मन मस्तिष्क पर अपना  सकारात्मक प्रभाव छोड़ती है. जिस वजह से वो बार बार आपके blog पर ही आना पसंद करता है साथ मे और लोगो को भी आपके blog पर आने के लिए प्रेरित करता है. 

तो दोस्तों यह तो आप अच्छे से समझ गए की on page seo है क्या? 

On page seo टेक्नीक,  page और पोस्ट की गुणवत्ता को बेहतर बनाने मे सबसे बड़ी भूमिका निभाता है. तो चलिए अब जानते है की on page seo कैसे किया जाता है. 

Blog post क़ी बात करें तो, On page seo की सबसे पहली शुरुआत आर्टिकल को लिखने से शुरू होती है. लेकिन इससे पहले आपको एक सही कीवर्ड का पता होना चाहिये.

एक सही keyword का पता करने के लिये google पर कुछ free और paid seo tool उपलब्ध है जिनका उपयोग करके आप बहुत सारे keyword खोज सकते हों. एक सही keyword खोजना off page seo कहलाता है.

वर्डप्रेस के प्लेटफॉर्म पर पूरी on page seo के साथ आर्टिकल कैसे लिखा जाता है with प्रेक्टिकल – पूरी जानकारी जरूर पढ़े. 👉 Seo friendly article लिखने का सही तरीका 

पहली on page seo है “सही टाइटल” 

On page seo की शुरुआत टाइटल से शुरु होती है. किसी भी आर्टिकल को लिखते समय सबसे पहला काम उसका टाइटल लिखना पड़ता है. 

टाइटल पूरे आर्टिकल को रिप्रेसेंट करता है, और हमें यह बताता है की आपका आर्टिकल किस टोपिक से सम्बंधित है. जि भी टोपिक अथवा कीवर्ड पर आप आर्टिकल लिखने जा रहे उसका सही टाइटल होना बहुत जरुरी है. 

Off page seo के रूप मे रिसर्च किये गए कीवर्ड को आर्टिकल के टाइटल के शुरुआत मे या बीच मे डाला जाता है. ज़ब भी गूगल पर आपका आर्टिकल दिखाई देगा तो वो उसे एक snippets दिखाई देगा. जिसे गूगल snippets कहा जाता है. 

 

Google featured Snippets क्या होता है 

अगर आप wordpress पर blogging करते हो तो यह सब कुछ आप  blog post लिखते समय SEO tool rank math की मदद से खुद से ही snippets बना और कंट्रोल कर सकते है. यानी पूरा optimize कर सकते है.

जैसा की आप नीचे इमेज मे देख रहे हो ये पूरा हिस्सा featured  snippets कहलाता है.

On-page-seo-kaise-kare

Snippets मे सबसे पहले बारीक़ अक्षरों मे आपके डोमेन नेम सहित कीवर्ड टाइटल शो होगा जिसे पर्मालिंक कहते है. 

ज़ब आप post टाइटल लिखते हो तो कुछ ही सेकेण्ड मे ठीक नीचे Prmalink box मे आपका टाइटल एक परमालिंक के तौर बन जाता है. आप चाहे तो इस परमालिंक को एडिट भी कर सकते है.

Permalink और domain name दोनों मिल कर blog post अथवा pages का url बनाते है.इसके बाद उसके नीचे बड़े  नीले अक्षरों मे blog पोस्ट का टाइटल दिखाई देता है और फिर उसके ठीक नीचे  मेटा डिस्क्रिपशन,  इन तीन चीजों को  मिलाकर बनता है snippets फीचर्स.

ये अलग अलग ब्राउजर मे अलग अलग तरीके से दिख सकता है. लेकिन ये तीन चीजें अवश्य रहेंगी. 

सर्च रिजल्ट मे उपलब्ध snippets  को देखकर यूजर आपके उस snippets पर क्लिक करता है और आपके blog पोस्ट अथवा किसी पेज तक पहुंचता है. 

 

On page seo मे सही इमेज लगाना 

सही इमेज लगाने से मतलब इमेज लिखें जा रहे टोपिक से सबंधित होनी चाहिए. 

इमेज सही जगह पर होनी चाहिए यानी जिस जगज आप इमेज को रख रहे है उसके ठीक ऊपर पेराग्राफ या नीचे वाला पेराग्राफ उस इमेज को रिप्रेसेंट करता हो. 

इमेज पोस्ट अथवा पेराग्राफ से सम्बंधित होनी चाहिए, उदाहरण के तौर पर मान लो मेरी पोस्ट चन्द्रमा को लेकर है तो इसमें चन्द्रमा की इमेज होनी चाहिए. 

 

Image की क्वालिटी और साइज 

इमेज की क्वालिटी अच्छी और साफ सुथरी होनी चाहिए. इमेज का साइज कम 15 kb से कम और 50 kb से अधिक नहीं होना चाहिए. यदि पिक्चर 15 kb से कम होगी तो उसकी पिक्चर क्वालटी बहुत खराब हो जाएगी. वही अगर पिक्चर साइज 50kb से अधिक होगी तो यह लोड होने मे समय अधिक लेगी और आपके पेज की स्पीड भी स्लो कर देगी. इसलिए बहुत है डेफिनेशन वाली इमेज ना डाले. 

 

On page seo मे alt text का प्रयोग – 

ज़ब भी हम किसी एक कीवर्ड के बीच इस प्रकार से (-) लाइन देकर लिखते है तो उसे alt text कहा जाता है. उदाहरण के तौर पर मान लो एक कीवर्ड है – seo कैसे करें  तो इसको अब alt text मे इस प्रकार लिखेंगे.  Seo-कैसे-करें

यानी स्पेस वाली जगह परऐसा लगा देना है. 

अब ये तो आप समझ गए की हर इमेज मे alt text कैसे देना है लेकिन ये कैसे पता चलेगा की इमेज मे कौन साथ कीवर्ड टाइप करना है.

ध्यान रहे, इमेज मे सिर्फ वही कीवर्ड टाइप करना होता है जो कीवर्ड आपके टाइटल मे है और जिस कीवर्ड पर आप फोकस कर रहे हो.

सिर्फ फोकस कीवर्ड को ही alt text मे रखना है.Alt text के लिए सिर्फ उतना ही कीवर्ड टाइप करें जितने को आपने  फोकस कीवर्ड बनाया है. 

Alt text के इलावा, image मे टाइटल के और discroption लिखने क़ी option भी आती है. टाइटल मे आप यह बता सकते हों क़ी image किस से सम्बंधित है, जैसे मैंने image अगर MS.धोनी क़ी लगाई है तो, image टाइटल मे ms धोनी ही लिखूंगा.

Discription मे आप टॉपिक, से जुड़े सभी kyword, tag डाल सकते हों. 

 

On page seo मे फीचर्ड इमेज का उपयोग – (featured image)

दोस्तों ज़ब भी हम google पर कुछ सर्च करते है तो आपने अक्सर देखा होगा वहाँ पर सर्च रिजल्ट के कुछ  snippits मे इमेज भी शो हो रही होती है. कुछ इस प्रकार से –

या फिर ज़ब भी आप किसी blog post को ओपन करते हो तो आपको शुरू मे जो image दिखती है वो भी फीचर्ड image होती है. 

दोस्तों इसी को फीचर्ड इमेज कहा जाता है. यह यूजर को और ज़ादा अट्रेक्ट करता है blog पोस्ट और पेजिस पर  क्लिक करने के लिए. 

ब्लॉगर हो या वर्डप्रेस, दोनों मे blog पोस्ट एवम पेजिस बनाते समय यह फीचर्ड इमेज की लगाने की ऑप्शन होती है. 

तो आप अपनी हर blog पोस्ट पर फीचर्ड इमेज जरूर लगाए. 

 

On page seo Table of content का उपयोग 

यह आर्टिकल मे दिये गए सभी हेडिंग्स की समरी होती है यानी तमाम हेडिंग्स के जुट को Table Of Content बोला जाता है. 

जैसा की आप नीचे इमेज मे देख रहे हो, ये होता है table of content.

On-page-seo-kaise-kare

ये चाहे तो आप मेनुअली बना कर भी दिखा सकते है. लेकिन वर्ड प्रेस के स्तर पर आपको Easy Table Of Content के नाम का प्लगइन मिल जाएगा जिसे install करके आप अपने हर blog पोस्ट मे ऐसा Table Of Content दिखा सकते हो. 

 

On page seo मे Anchor text का उपयोग :- 

दोस्तों anchor text एक hyperlink process होता है जिसके माध्यम से आप डायरेक्ट किसी दूसरे url पर पहुंचते हो.

एंकर text का अर्थ होता है post के अंदर किसी भी कीवर्ड (शब्द) को select करके एक लिंक के माध्यम से उसे किसी दूसरे blog post अथवा pages से जोड़ देना.

 

Anchor text कैसे लगाया जाता है?

इस सिंबल (निशान) को ध्यान से देखिये इसी के माध्यम से blog post अथवा pages के अंदर anchor text लगाया जाता है.

Blog पोस्ट के अंदर Internal और external लिंक लगाना एंकर text कहलाता है. किसी भी blog post को google पर रैंक करवाने मे एंकर text बहुत भूमिका निभाता है.

इंटर्नल लिंक क्या है? 

आप जो आर्टिकल लिख रहे हो यदि उस आर्टिकल से सम्बंधित और भी कई आर्टिकल आपके blog पोस्ट पर पब्लिश हुए है, तो उनका लिंक ज़ब आप अपने इस blog पोस्ट पर डालते हो. तो इसे इंटर्नल लिंक या इंटर लिंकिंग कहा जाता है. 

इंटरलिंकिंग करने के कई तरीके है. इसकी मदद से यूजर आपकी उन सम्बंधित पोस्ट तक डायरेक्ट पहुंच जाता है जिसकी वो जानकारी लेने मे इंट्रस्टेड हो. इससे आपकी बाक़ी blog पोस्ट पर भी ट्रेफिक बढ़ने लगता है. 

External लिंकिंग – 

ज़ब हम किसी दूसरे डोमेन अथवा blog के  पोस्ट एवम पेजिस का लिंक अपने blog पोस्ट मे डालते है तो इसे एक्सटर्नल लिंकिंग कहा जाता है. आपके blog पोस्ट मे कम से कम एक internal और एक external लिंक का होना अनिवार्य है. 

बिना एंकर text के आपकी on page seo पूरी पूरी हो ही नहीं सकती.

दोस्तों, एकंर text on page और off page दोनों SEO का महत्वपूर्ण हिस्सा है. 

Types of एंकर text :-

एंकर text कितनी तरह से लगाए जा सकते है यह जानने के लिए आपको समझना होगा की एंकर text कितनी प्रकार के होते है. 

Generic anchor text :- ये साधारण keyword पर आधारित hyper linked किये जाते है. जैसे कोई भी शब्द.

Same match anchor text:- ये वो एंकर टेक्स्ट होते है जिसमे keyword आपके आर्टिकल को सेम मैच कर रहे होते है. 

Nacked anchor text :- इस तरह के एंकर टेक्स्ट को किसी भी keyword मे डाल कर डाइरेक्ट url को ही पेस्ट कर दिया जाता है. Keyword किसी भी url का एक शरीर क़ी तरह होता है. यदि कोई url बिना keyword मे डाले ही डायरेक्ट डाल दिया जाए तो वो nacked एंकर टेक्स्ट कहलाता है.

On page seo मे Tags का उपयोग :-

टोपिक से सम्बंधित ऐसे  सर्चेबल short कीवर्ड जिन्हे सर्च इंजन पर लोग बहुत अधिक मात्रा मे सर्च करते है. उन्हें tags भी कहा जाता है. 

हर blog पोस्ट मे सम्बंधित tags लगाना बहुत जरुरी होता है. Blog पोस्ट मे Tags लगाने की ऑप्शन अलग से दे रखी होती है. जहाँ आप तमाम तरह के सम्बंधित tags लगा सकते है. 

कई बार Tags की वजह से भी blog पोस्ट गूगल पर रैंक करने लगता है. 

एक blog पोस्ट मे कम से 3 और अधिक से अधिक 10 tags लगा सकते है. इससे अधिक tags मत लगाए.

 

On page seo के लिये Best Seo tool का उपयोग :-

किसी भी blog post एवं pages को रैंक करवाने मे एक SEO tool हमारी बहुत मदद करता है.

  • फोकस कीवर्ड सभी सही जगह पर मौजूद है या नहीं?
  • टाइटल मे wards लिमिट कम है ज़ादा टाइटल  मे कीवर्ड है या नहीं? 
  • मेटा डिस्क्रिप्शन सही लिख रहे है या नहीं? 
  • मेटा डिस्क्रिप्शन मे wards लिमिट कम रह गई है या ज़ादा हो गई है? 
  • किस हेडर मे फोकस कीवर्ड आना चाहिए.? 

ये सभी जानकारी अपने आप ही आपको एक on page SEO Tool के माध्यम से मिला जाती है. 

यानी ON page seo tool, on page seo को बहुत आसान बना देता है. 

On page seo tool की मदद से आप बहुत अच्छे से और आसानी से blog पोस्ट का ऑप्टिमाइजेशन कर सकते है.

Blog पोस्ट के लिए कौन सा SEO tool सबसे अच्छा माना जाता है? 

वैसे तो वर्डप्रेस के प्लेटफॉर्म पर आपको कई प्रकार के on page seo tool, plugins के रूप मे  मिल जाएंगे  लेकिन दो तरह के seo tool सबसे ज़ादा प्रयोग किये जाते है. एक है yost seo और दूसरा है रैंक मैथ

दोनों ही लगभग एक जैसे ही है लेकिन रैंक मैथ अब yost seo से भी, सबसे ज़ादा उपयोग होने वाला on page seo tool बनने जा रहा है. 

क्योंकि रैंक मैथ blog पोस्ट को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए बहुत सारे ऐसे फीचर्स free मे मुहैया करवा रहा है जो yost seo मे पेड है. यानी उनके लिए आपको पैसा देना पड़ेगा. 

 

टाइटल – मेटा डिसक्रिप्शन और पर्मालिंक कितने शब्दों का होना चाहिए? 

टाइटल 55 कैरेक्टर से अधिक नहीं होना चाहिए. Google snippits रूल के अनुसार टाइटल मे डाले जाने वाले चैरेक्टर की अधिकतम सीमा 55 है. 

Blog पोस्ट अथवा पेजिस के पर्मालिंक (URL) मे डाले जाने वाले कैरेक्टर 75 से अधिक नहीं होने चाहिए. 

वहीं मेटा डिस्क्रिप्शन मे 158 से अधिक कैरेक्टर नहीं होने चाहिए. 

यदि आप खुद से इस चीज को live चेक करना चाहते है. तो इस लिंक और क्लिक करो. 

On-page-seo-kaise-kare

इस पर क्लिक करते ही आपके सामने ऐसा पेज open हो जाएगा जैसा इमेज मे देख रहे हो. 

अब यहां पर आप आसानी से टाइटल, url, और मेटा डिस्क्रिप्शन के कैरेक्टर लिमिट को चेक कर सकते हो. 

यहां ज़ब आप टाइटल पर अपने blog पोस्ट या पेजिस का  टाइटल टाइप या पेस्ट करोगे तो ठीक नीचे बारीक़ अक्षरों मे नंबर of कैरेक्टर दिखाएगा. और यदि आपका टाइटल कैरेक्टर  तय सीमा से अधिक होगा तो उसके आगे डॉट डॉट हो जाएगा और एक आवाज़ आएगी. 

ठीक इसी प्रकार बाक़ी मे भी है. 

On page seo ज़ादा जरुरी क्यों है? 

On page seo, सम्पूर्ण SEO का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. या यूँ कह लो की तमाम seo टेक्नीक मे सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा on page seo का ही होता है. 

क्योंकि blog page और blog आर्टिकल को SERP मे जगह दिलाने के लिए on page seo एक मील का पत्थर साबित होती है.

इसलिए on page seo पर बाक़ी seo टेक्नीक के मुकाबले ज़ादा ध्यान देना पड़ता है. 

हर ब्लॉगर चाहता है की उसकी blog पोस्ट या पेज, टोप SERP मे आजाए. ताकी उसके डोमेन और पेज की रैंकिंग इन्क्रीज हो और खूब ऑर्गेनिक ट्रेफिक आए. 

ज़ादा से ज़ादा ऑर्गेनिक ट्रेफिक कई तरफ के इनकम जेनरेट करने के रास्ते खोल देता है. जिनमे से तीन सबसे बेहतरीन रास्ते है – एडसेंस, एफिलेट मार्किटिंग और सुपोन्सरशिप. 

इन तीनो से पैसे कैसे कमाए जाते है ये जानने के लिए यहां क्लिक करें. 

तो दोस्तों यह थी on page seo के बेसिक और एडवांस level की सम्पूर्ण जानकारी. 

चलिए नीचे प्रश्न उत्तर के माध्यम से on page seo की और ज़ादा एडवांस और जरुरी जानकारी को हासिल करते है.

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On page seo kaise kare Q&A – जरुरी सवालों के जवाब FAQ 

Q- इमेज मे alt text डालना क्यों जरुरी है.? 

ये आप खुद से बहुत आसान तरीके से चेक कर सकते हो. मैं आपको एक लिंक प्रोवाइड करवा रहा हूं जहाँ से आप बहुत आसानी से ये देख पाओगे की आपका आर्टिकल google पर कितने नंबर पर रैंक कर रहा है. 
इस लिंक पर https://www.serprobot.com/serp-check.php
क्लिक करने के बाद आपके सामने ऐसा पेज open हो जाएगा. 
अब यहां पर आपको सबसे पहले box मे अपनी कंट्री select करनी है. आपको www. google. co. in  select करना है. 
उसके बाद नीचे डोमेन नेम डालने को कहा जा रहा है. यहां पर अपना सिर्फ डोमेन ही डाले जैसे gyandarshan.online. 
कोई भी www  या https का प्रयोग नहीं करना है. 
अब उसके नीचे अपना वो कीवर्ड डालो जिसे आप चेक करना चाहते हो. यहां खास बात ये है की आप सिर्फ एक नहीं कई सारे कीवर्ड एक साथ चेक कर सकते हो. हर box मे एक एक कीवर्ड ही डाले. यदि आप एक कीवर्ड चेक करना चाहते हो तो एक box मे एक कीवर्ड ही डाले. यानी अपने blog का कीवर्ड टाइटल. 
इसके बाद नीचे i am not robot box पर क्लिक कर देना है.बस आपका काम हो गया. अब ये कुछ देर प्रोसेस करेगा और रिजल्ट आपके सामने आजाएगा. यदि एक कीवर्ड चेक कर रहे हो तो जल्दी रिजल्ट आ जाएगा. यदि ज़ादा कीवर्ड चेक कर रहे हो अधिक समय लेगा.  

Q- Table Of Content क्यों बनाया जाता है? 

Table Of Content seo और यूजर दोनों के नजरिये से बहुत उपयोगी होता है. 
इसकी मदद से यूजर आसानी से यह डायरेक्टली समझ पाता है की आर्टिकल मे कौन कौन सि चीज को विस्तृत रूप से बताया गया है.
इसकी मदद से यूजर आसानी से आपकी किसी भी हेडिंग तक डायरेक्टली पहुंच सकता है और उसे पढ़ सकता है. 

इमेज मे alt text डालना क्यों जरुरी है.? 

इमेज मे फोकस कीवर्ड को  alt text के रूप मे इसलिए डाला जाता है ताकी गूगल उस इमेज की पहचान करके उसे गूगल सर्च images मे दिखा सकें. गूगल ये समझ सकें की वो इमेज किस कीवर्ड से सम्बंधित है. ज़ब भी आप गूगल पर कुछ कीवर्ड सर्च करते हो तो फिर वहाँ पर images केटेगरी का ऑप्शन होता है ज़ब आप वहाँ क्लिक करते हो तो खूब सारी उस कीवर्ड से जुड़ी images वहाँ दिखने लगती है. तो ये सभी images alt text की वजह से ही दिखाई दे रही होती है. 

एक blog पोस्ट और पेजिस मे कितने एकंर text लगा सकते है? 

हर blog पोस्ट मे एंकर text लगाना बहुत जरुरी होता है लेकिन इसकी भी कुछ सीमाए होती है. बस इतना समझ लीजिये की 1हज़ार शब्दों के blog पोस्ट मे 25 से 30 के बीच ही एंकर text सही माना जाता है.अगर  इससे अधिक करोगे तो यह स्पेम अथवा ब्लैक हैट seo माना जाएगा. 

एक्सटर्नल लिंकिंग से क्या फायदा होता है? 

 
A- अगर एक्सटर्नल लिंकिंग अपने ही किसी दूसरे blog का लगाते हो तो इससे ना सिर्फ आपको एक Do folo बैक लिंक मिलेगा बल्कि इससे आपके उस blog पोस्ट की ट्रैफ़िक और रैंकिंग भी बढ़ेगी जिस पोस्ट का लिंक आप लगा रहे हो. सिर्फ यही नहीं यह आपके blog पोस्ट अथवा पेज को गूगल पर रैंक करने मे भी बहुत मददगार सिद्ध होगी. 

Anchor text किस मकसद से लगाया जाता है?

anchor text लगाने का मकसद अपनी post & pages को back link देना होता है. 

 

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